धर्म-अध्यात्म: भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन का त्योहार बहनों के लिए बेहद खास होता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी दीर्घायु और समृद्धि की कामना करती हैं। हालांकि, कई बार यात्रा, नौकरी, भद्रा या राहुकाल की वजह से बहनें निर्धारित शुभ मुहूर्त में राखी नहीं बांध पाती हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कुछ सरल धार्मिक उपायों से बाद में भी बिना किसी दोष के राखी बांधी जा सकती है।

रक्षाबंधन 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त

द्रिक पंचांग के अनुसार, श्रावण पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 27 अगस्त 2026 को सुबह 09:09 बजे होगी और इसका समापन 28 अगस्त को सुबह 09:48 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को मनाया जाएगा।

  • राखी बांधने का मुख्य शुभ मुहूर्त: सुबह 05:57 बजे से सुबह 09:48 बजे तक (कुल अवधि: 3 घंटे 51 मिनट)।

शुभ मुहूर्त छूट जाने पर करें ये 4 आसान उपाय

  1. भगवान को अर्पित करें पहली राखी:
  2. यदि मुख्य मुहूर्त निकल जाए, तो सबसे पहले भाई के नाम की राखी घर के मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण, श्रीगणेश या हनुमान जी के चरणों में अर्पित करें। प्रभु का ध्यान और पूजन करने के बाद वही राखी भाई की कलाई पर बांधी जा सकती है।
  3. अभिजीत मुहूर्त का प्रयोग करें:
  4. दिन के सबसे शुभ समयों में से एक 'अभिजीत मुहूर्त' (जो सामान्यतः दोपहर के समय आता है) में भी भाई को राखी बांधी जा सकती है।
  5. शुभ चौघड़िया देखकर बांधें राखी:
  6. पंचांग का मुख्य समय निकलने पर दिन के शुभ चौघड़िया—जैसे अमृत, शुभ और लाभ देख लें। अपने शहर के पंचांग के अनुसार इन चौघड़िया समयों में राखी बांधना उत्तम माना जाता है।
  7. पूरे दिन मुलाकात न होने पर क्या करें?
  8. यदि यात्रा या दूरी के कारण रक्षाबंधन के पूरे दिन राखी बांधना संभव न हो, तो भगवान श्रीकृष्ण को भाई के नाम की राखी समर्पित करके सुरक्षित रख लें। बाद में जब भी भाई से भेंट हो, तब वह रक्षा सूत्र उनकी कलाई पर बांधें।