लखनऊ।केंद्र की मोदी सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर 12 हजार करोड़ रुपए के नए कामों के लिए मंजूरी दे दी है। इससे उत्तर प्रदेश में कुल 685.71 किमी लंबे बाईपास,पुलों व सड़कों का निर्माण होगा। ये सड़कें पेव्ड शोल्डर के साथ दो लेन (10 मीटर चौड़ी), फोरलेन या उससे अधिक चौड़ी होंगी।यूपी में मार्च में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने पर इसे केंद्र की मोदी सरकार का सूबे की जनता को बड़ा तोहफा माना जा रहा है।





जिन हाईवे के कामों को मंजूरी दी गई है,उनमें मिर्जापुर एनएच-135 ए, बलरामपुर एनएच-730, शोहरतगढ़ एनएच-730, फरेंदा एनएच-730, गिलौला बाजार एनएच-730, अमेठी, देवरिया और जसरा एनएच-76 में कुल 8 बाईपास हैं। इन बाईपासों की कुल लंबाई 80 किमी होगी।





इसके अलावा शाहजहांपुर-बीसलपुर एनएच-731के, फैजलनगर-सलेमपुर एनएच-727बी, इस्लामनगर-जलेसर-एटा एनएच-727बी, सेलमपुर-मैरवा एनएच-727ए, बूढ़ी गंडक से सिवरही बाईपास तक एनएच-727ए, चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग के चार पैकेज, हरदोई एनएच-330डी, रामवन गमन मार्ग के पांच पैकेज, बाराबंकी-लखीमपुर एनएच-727एच, छपवा-कुशीनगर एनएच-28बी, मेहदावल-रामनगर एनएच-328ए और बस्ती-कप्तानगंज एनएच-328 के हिस्सों को पेव्ड शोल्डर के साथ दो लेन बनाया जाएगा।





राजधानी लखनऊ में इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे एनएच-24ए, बस्ती व महराजगंज आदि में राष्ट्रीय राजमार्गों को फोर लेन या उससे ज्यादा चौड़ा करने की परियोजनाएं शामिल हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 5 पुल व रेलवे ओवर ब्रिज का भी निर्माण होगा। राजमार्गों पर होने वाले इन कामों की कुल संख्या 30 है।





प्रमुख अभियंता (एनएच विंग के प्रभारी), पीडब्ल्यूडी मनोज गुप्ता का कहना है कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बड़ी संख्या में परियोजनाओं को सहमति दी है। राजमार्गों के चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण संबंधी समस्याओं का समाधान कराते हुए इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ा जाएगा।