रांची।झारखंड में बदलते हुए राजनीतिक समीकरण पर मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पैनी निगाहें गड़ा दी हैं।धरातल पर भी भाजपा सक्रिय हो गई है।प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेता पार्टी के केंद्रीय नेताओं के संपर्क में हैं।भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी के दिल्ली दौरे को लेकर कई कयास लग रहे हैं। बाबूलाल की भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात नहीं हो पाई। बाबूलाल ने इस दौरे को निजी बताया है।इससे पहले भी बाबूलाल चार अप्रैल को दिल्ली गए थे और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की थी। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास भी केंद्रीय गृहमंत्री के संपर्क में बताए जाते हैं।
भाजपा द्वारा खनन पट्टे के मामले उठाए जाने के बाद राजभवन की सक्रियता बढ़ने से पार्टी उत्साहित है। चुनाव आयोग के बाद उच्च न्यायालय द्वारा इस मामले को गंभीरता से लिए जाने के बाद राज्य में राजनीतिक गतिविधियों में अचानक तेजी आ गई है।आरोपों पर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति के बीच भाजपा धरातल पर अपनी सक्रियता को बढ़ा दिया है।आकांक्षी जिलों में कुछ केंद्रीय मंत्रियों के दौरे हुए और कुछ को प्रोटोकाल न मिलने से कैंसिल हुए।
भाजपा ने इसे भी मुद्दा बनाते हुए राज्य सरकार को घेरा। वहीं 23 अप्रैल से पूरे राज्य में बिजली, पानी व अन्य आधारभूत जरूरतों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया है। जिला स्तर पर 30 अप्रैल तक होने वाले आंदोलन में पार्टी के सभी शीर्ष नेता, सांसद और विधायक जुड़ेंगे। इस आंदोलन को पंचायत चुनाव और भाजपा की सरकार पर दबाव की रणनीति के तहत देखा जा रहा है।कुल मिलाकर भाजपा राज्य सरकार को चौतरफा घेरने में जुटी है।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि निजी दौरे के सिलसिले से दिल्ली जाना हुआ था। भाजपा के शीर्ष केंद्रीय नेताओं से मिलने का कोई कार्यक्रम नहीं था। पूर्व से कोई राजनीतिक मुलाकात भी निर्धारित नहीं थी।





