केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए गठित होने वाले 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के समक्ष अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगें रखनी शुरू कर दी हैं। इस कड़ी में रक्षा मंत्रालय के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख संगठन भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने एक बड़ा और अभूतपूर्व प्रस्ताव पेश किया है। संगठन ने आयोग से कर्मचारियों का न्यूनतम मासिक मूल वेतन (Basic Pay) वर्तमान ₹18,000 से सीधे बढ़ाकर ₹72,000 करने की सिफारिश की है।
400% वेतन वृद्धि और फिटमेंट फैक्टर 4 का गणित BPMS द्वारा जनरल सेक्रेटरी रवींद्र कुमार मिश्रा के माध्यम से सौंपे गए इस प्रस्ताव में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 4.0 करने का सुझाव दिया गया है। यदि यह मांग मान ली जाती है, तो सरकारी कर्मचारियों के मूल वेतन में 400 प्रतिशत की भारी वृद्धि होगी।
3 की जगह 5-यूनिट परिवार का तर्क 7वें वेतन आयोग ने न्यूनतम वेतन की गणना के लिए 3-यूनिट वाले परिवार के ढांचे को आधार माना था। BPMS ने इसमें बदलाव की मांग करते हुए 5-यूनिट परिवार का फार्मूला पेश किया है:
- 1 यूनिट: सरकारी कर्मचारी
- 1 यूनिट: जीवनसाथी (पति/पत्नी)
- 1.5 यूनिट: दो नाबालिग बच्चे (प्रत्येक 0.75)
- 1.5 यूनिट: आश्रित माता-पिता (प्रत्येक 0.75)
संगठन का तर्क है कि भारत की सामाजिक-सांस्कृतिक व्यवस्था में एक कर्मचारी न केवल अपने बच्चों और जीवनसाथी, बल्कि अपने वृद्ध माता-पिता के भरण-पोषण के लिए भी जिम्मेदार होता है।
प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर (4.0) पर वेतन वृद्धि की संभावित झलक
BPMS के इस प्रस्ताव में न्यूनतम वेतन के अलावा नए पे-मैट्रिक्स और वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) की दरों को भी व्यावहारिक बनाने की मांग की गई है, जिससे निचले और मध्यम स्तर के सरकारी कर्मचारियों को महंगाई के दौर में राहत मिल सके।





