नई दिल्ली: भारत दुनिया के सबसे युवा और तेजी से डिजिटल होते देशों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सरकारी आंकड़ों और पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, देश की बड़ी युवा आबादी आज तकनीक, इंटरनेट और रोजगार के नए अवसरों के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है। 15 से 29 वर्ष के आयु वर्ग में 97.1 प्रतिशत युवा मोबाइल फोन और 94.3 प्रतिशत युवा इंटरनेट का उपयोग कर रहे हैं।

जहाँ एक तरफ भारत का युवा वर्ग डिजिटल क्रांति का मुख्य आधार बन चुका है, वहीं दूसरी तरफ देश में बेरोजगारी दर में गिरावट दर्ज की गई है। हालाँकि, स्किल डेवलपमेंट और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दे अभी भी महत्वपूर्ण चुनौतियाँ बने हुए हैं।

मोबाइल और इंटरनेट: मनोरंजन से आगे बढ़कर करियर का जरिया

अब स्मार्टफोन केवल बातचीत या मनोरंजन का साधन नहीं रहा, बल्कि यह ग्रामीण और शहरी युवाओं के लिए शिक्षा, डिजिटल बैंकिंग, स्किल डेवलपमेंट और रोजगार पाने का प्रमुख माध्यम बन गया है।

डिजिटल पहुँच: 15 से 29 साल के हर 100 में से लगभग 97 युवा मोबाइल और 94 से अधिक युवा इंटरनेट का नियमित इस्तेमाल कर रहे हैं।

समान अवसर: इंटरनेट ने छोटे शहरों और दूर-दराज के गांवों के युवाओं को भी वैश्विक अवसरों और ऑनलाइन कोर्सेज से जोड़ने का काम किया है।

बेरोजगारी दर में सुधार के आंकड़े (PLFS रिपोर्ट)

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में रोजगार की स्थिति में सकारात्मक बदलाव देखा गया है:

ग्रामीण क्षेत्र (15 वर्ष से अधिक): बेरोजगारी दर 2022 के 5% से घटकर 2025 में 4.6% रह गई है।

ग्रामीण युवा (15-29 वर्ष): बेरोजगारी दर 8.9% से घटकर 8.3% पर आ गई है।

राष्ट्रीय स्तर पर युवा (15-29 वर्ष): समग्र बेरोजगारी दर 10.9% से घटकर 9.9% दर्ज की गई है।

रोजगार और कौशल विकास के लिए सरकारी पहल

युवाओं को रोजगार और स्व-रोजगार से जोड़ने के लिए कई प्रमुख योजनाएं चलाई जा रही हैं:

PMVBRY योजना: 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' (PMVBRY) के लिए ₹99,446 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जिसका लक्ष्य आगामी दो वर्षों में 3.5 करोड़ नए रोजगार के अवसर पैदा करना है।

MSME और Udyam पोर्टल: उद्यम रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर 8.9 करोड़ से अधिक MSME पंजीकृत हैं, जिनसे देश भर में 39 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।

रोजगार मेले: देश भर में आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक 12.5 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र बांटे जा चुके हैं।

स्किल इंडिया मिशन: PMKVY, ITI, जन शिक्षण संस्थान और अप्रेंटिसशिप योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की आधुनिक जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित किया जा रहा है।

डिजिटल क्रांति के साथ बढ़ती नई चुनौतियाँ

तकनीक के बढ़ते प्रसार के साथ युवाओं के सामने साइबर फ्रॉड, डेटा चोरी, फर्जी लिंक, फेक न्यूज और अत्यधिक स्क्रीन टाइम जैसी नई समस्याएँ भी खड़ी हुई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है: केवल डिजिटल सुविधाएं देना ही काफी नहीं है; युवाओं को सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा के नियमों के प्रति जागरूक करना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि वे इस डिजिटल युग में सुरक्षित रहकर अपने करियर को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा सकें।