भोपाल/रायपुर (विशेष संवाददाता):
मौसम की अनिश्चितताओं और प्राकृतिक आपदाओं से मेहनत की फसल को बचाने के लिए किसानों के पास अब बेहद कम समय बचा है। कृषि विभाग ने 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' (PMFBY) के तहत खरीफ मौसम 2026 के लिए पंजीयन कराने की अपील तेज कर दी है। योजना के अंतर्गत आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है, जिसमें अब महज तीन दिन शेष हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि प्राकृतिक आपदा, ओलावृष्टि या जलभराव के कारण फसल को क्षति पहुंचती है, तो बीमा दावे का लाभ उठाने के लिए 72 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य होगा। समय सीमा चूकने पर बीमा दावा प्रभावित हो सकता है।
72 घंटे का 'गोल्डन रूल': कैसे दर्ज कराएं नुकसान की जानकारी?
फसल क्षति की स्थिति में किसान केंद्र सरकार के समर्पित टोल-फ्री नंबर 14447 (कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन) पर कॉल करके सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा किसान अपने नजदीकी कृषि विभाग, राजस्व विभाग, संबंधित बैंक या बीमा कंपनी के कार्यालय में भी लिखित या मौखिक सूचना दे सकते हैं।
इन खरीफ फसलों को मिला है सुरक्षा कवच
प्रदेश में 12 जुलाई से शुरू हुए इस पंजीयन अभियान के तहत किसान अपनी प्रमुख फसलों का बीमा करा सकते हैं:
खाद्यान्न व तिलहन: धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, सोयाबीन, अरहर, मूंगफली, मूंग और उड़द।
श्रीअन्न/मोटे अनाज: कोदो, कुटकी और रागी।
विशेष सुरक्षा दायरा: राज्य सरकार ने इस बार प्रतिकूल मौसम के कारण बाधित बोनी, रोपण में विफलता, स्थानीय प्राकृतिक आपदाओं और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान (Post-Harvest Loss) को भी बीमा सुरक्षा के दायरे में शामिल किया है।
आवेदन की प्रक्रिया: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प आसान
ऋणी किसान: जिन्होंने कृषि ऋण लिया है, वे अपनी संबंधित बैंक शाखा या वित्तीय संस्थान के माध्यम से सीधे आवेदन कर सकते हैं।
गैर-ऋणी किसान: बिना ऋण वाले किसान अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र (CSC), बैंक, बीमा एजेंट या आधिकारिक पोर्टल pmfby.gov.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं।
कृषि विभाग ने सभी किसान भाइयों से आग्रह किया है कि अंतिम समय की भागदौड़ से बचने के लिए आज ही अपनी फसलों का बीमा कराएं और अपनी मेहनत को सुरक्षित करें।





