नई दिल्ली: टेक दिग्गज गूगल ने भारतीय यूजर्स के लिए अपना नया और बहुप्रतीक्षित पर्सनल AI एजेंट 'Gemini Spark' आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। यह एडवांस AI एजेंट गूगल के नवीनतम Gemini 3.6 Flash मॉडल पर काम करता है। कंपनी के अनुसार, यह सेवा अगले कुछ हफ्तों में Google AI Pro और Google AI Ultra के पेड सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी।
24/7 बैकग्राउंड में काम करने की क्षमता
Gemini Spark को Gmail, Google Docs और Sheets जैसे Google Workspace टूल्स में 'एजेंटिक' (स्वायत्त) फीचर्स जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह '24/7 पर्सनल AI एजेंट' की तरह बैकग्राउंड में काम करता रहता है—फिर चाहे आपका फोन लॉक हो, लैपटॉप बंद हो या आप सो रहे हों।
आसान इंटीग्रेशन: यूजर्स को इसे इस्तेमाल करने के लिए किसी जटिल सेटअप प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
पूर्ण नियंत्रण: यूजर्स जब चाहें इस AI एजेंट को बंद (Toggle Off) कर सकते हैं और यह तय कर सकते हैं कि इसे किन ऐप्स का एक्सेस देना है।
आपकी अनुमति के बिना नहीं लेगा 'हाई-स्टेक्स' फैसले
गूगल ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और गोपनीयता का ध्यान रखते हुए Gemini Spark वित्तीय लेन-देन करने या यूजर की तरफ से कोई ईमेल भेजने जैसे संवेदनशील (High-Stakes) काम करने से पहले यूजर से स्पष्ट अनुमति (Permission) मांगेगा।
Gemini Spark क्या-क्या कर सकता है?
यह नया AI एजेंट दैनिक डिजिटल कार्यों में लगने वाले समय को बचाएगा। इसके प्रमुख फीचर्स निम्नलिखित हैं:
स्वचालित ट्रैवल प्लान: फ्लाइट या होटल बुक होते ही यह डिटेल्स को यूजर के ट्रैवल इटिनररी में अपने आप जोड़ देगा।
रिसर्च और इवेंट सर्च: यूजर की रुचि के अनुसार स्थानीय कार्यक्रमों (Local Events) को ढूंढकर उनकी जानकारी Google Doc में दर्ज कर सकता है।
थर्ड-पार्टी इंटीग्रेशन: अन्य ऐप्स से डेटा निकालकर महत्वपूर्ण विषयों पर अलर्ट भेज सकता है।
मीटिंग नोट्स और समरी: ईमेल्स और मीटिंग्स के जरूरी नोट्स को ऑटोमैटिकली समराइज (संक्षिप्त) कर सकता है।
Google I/O से अब तक का सफर
गूगल ने सबसे पहले इस साल मई में आयोजित Google I/O इवेंट के दौरान Gemini Spark की पहली झलक दिखाई थी। उस समय यह Gemini 3.5 मॉडल पर आधारित था, लेकिन भारत में लॉन्च के साथ ही इसे और अधिक शक्तिशाली Gemini 3.6 Flash मॉडल पर अपग्रेड कर दिया गया है।





