नई दिल्ली: देश भर में बारिश और बाढ़ के बीच एक चिंताजनक तस्वीर उभरकर सामने आ रही है। नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) के ताजा आकलन के अनुसार, वर्ष 2026 के मॉनसून का क्षेत्रीय वितरण बेहद असमान रहा है। देश के 5 प्रमुख कृषि प्रधान राज्यों—मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान और गुजरात—में कम बारिश और शुष्क परिस्थितियों के कारण खरीफ फसलों के उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका जताई गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति केवल स्थानीय किसानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका सीधा असर देश में खाद्य आपूर्ति और बाजार में अनाज व दालों की कीमतों पर पड़ेगा।
आंकड़ों में समझें 5 राज्यों का गणित
देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन में इन पांचों राज्यों की हिस्सेदारी करीब एक-तिहाई (32%) है:
- देश का कुल खाद्यान्न उत्पादन (2024-25): ~35.77 करोड़ टन
- मध्य प्रदेश: 4.66 करोड़ टन
- राजस्थान: 2.56 करोड़ टन
- महाराष्ट्र: 1.85 करोड़ टन
- कर्नाटक: 1.46 करोड़ टन
- गुजरात: 1.05 करोड़ टन
- 5 राज्यों का कुल योगदान: 11.58 करोड़ टन
सिर्फ बारिश होना काफी नहीं: कब और कितनी हुई, यह अहम
मौसम विभाग के कागजी रिकॉर्ड में भले ही कुल बारिश सामान्य दर्ज हो रही हो, लेकिन खेती के लिए बारिश की समयबद्धता (Timing) बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि किसी क्षेत्र में पूरे महीने का पानी 1-2 दिनों में गिर जाए और उसके बाद लंबा सूखा पड़ जाए, तो ऐसी भारी बारिश फसलों को राहत देने के बजाय नुकसान पहुंचाती है।
खरीफ फसलों (जैसे अरहर, सोयाबीन, मक्का, चावल और तिलहन) की बुवाई, विकास, फूल आने और दाना बनने के नाजुक समय पर पानी न मिलने के कारण उत्पादन क्षमता बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
बाजार और रबी सीजन पर पड़ेगा दोहरा असर
इन राज्यों के बड़े हिस्सों में सिंचाई सुविधाएं सीमित हैं और खेती पूरी तरह मॉनसून पर निर्भर है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि:
- कीमतों में उछाल: दालों, तिलहन और अनाज के उत्पादन में गिरावट से आने वाले महीनों में रिटेल महंगाई दर (Inflation) बढ़ सकती है।
- रबी सीजन पर संकट: वर्षा की कमी के कारण यदि मिट्टी में नमी का स्तर घटता है और भूजल स्तर नहीं सुधरता, तो इसका असर आने वाले रबी सीजन (जैसे गेहूं और चने की बुवाई) पर भी देखने को मिलेगा।
मौसम के इस असमान मिजाज ने सरकार और नीति निर्माताओं के सामने कृषि सुरक्षा और खाद्य आपूर्ति बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।





