नई दिल्ली:

आजकल शहरी इलाकों में गार्डनिंग का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। पर्यावरण के लिहाज से यह बेहद सकारात्मक बदलाव है, लेकिन घरों और बालकनियों में कम जगह होने के कारण लोग चाहकर भी कई तरह के फल-सब्जियां नहीं उगा पाते। अगर आप भी जगह की कमी से परेशान हैं, तो 'ग्राफ्टिंग' (Grafting) तकनीक आपके लिए बेहद काम की साबित हो सकती है। इस वैज्ञानिक तकनीक की मदद से आप एक ही पेड़ में कई किस्म के फल उगा सकते हैं।

हाल के दिनों में आम के पेड़ों और विभिन्न सब्जियों में ग्राफ्टिंग का इस्तेमाल काफी लोकप्रिय हुआ है, जहाँ एक ही पेड़ पर दशहरी, लंगड़ा और अल्फांसो जैसी कई किस्में एक साथ फलती हैं।

क्या होती है 'ग्राफ्टिंग' तकनीक?

ग्राफ्टिंग एक बागवानी (Horticulture) तकनीक है, जिसमें दो अलग-अलग पौधों के हिस्सों या टहनियों को आपस में जोड़कर एक पौधा तैयार किया जाता है:

  • रूटस्टॉक (Rootstock): मुख्य पौधा जिसकी जड़ें जमीन में होती हैं।
  • साइयन (Scion): किसी अन्य उत्तम किस्म के पौधे की शाखा या कलम, जिसे मुख्य पौधे में जोड़ा जाता है।

जब ये दोनों हिस्से सही तरीके से आपस में जुड़कर विकसित होते हैं, तो वे एक ही पौधे के रूप में पोषण लेने लगते हैं। इसके परिणामस्वरूप, जोड़ी गई अलग-अलग शाखाओं से उनकी मूल किस्म के फल ही प्राप्त होते हैं।

आम के पेड़ में ग्राफ्टिंग करने का आसान तरीका

अगर आप अपने घर में एक ही आम के पेड़ पर कई तरह की किस्में उगाना चाहते हैं, तो इन स्टेप्स को फॉलो करें:

  1. मजबूत रूटस्टॉक का चुनाव: सबसे पहले एक स्वस्थ और मजबूत जड़ वाले मुख्य पौधे (रूटस्टॉक) का चयन करें।
  2. कलम (टहनी) तैयार करना: जिन किस्मों के आम आप उगाना चाहते हैं, उनकी स्वस्थ और ताजी टहनियां (साइयन) लें।
  3. कटिंग और बाइंडिंग: मुख्य पेड़ की शाखा पर एक हल्का और सटीक कट लगाएं। इसके बाद दूसरी किस्म की टहनी को उसमें मजबूती से फिट करें।
  4. टेपिंग: जोड़ वाले हिस्से को ग्राफ्टिंग टेप या प्लास्टिक टेप से अच्छी तरह से बांध दें ताकि हवा या नमी अंदर न जा सके।
  5. सफलता की पहचान: कुछ हफ्तों बाद जब जोड़ी गई नई टहनी से हरी पत्तियां निकलने लगें, तो समझें कि आपकी ग्राफ्टिंग सफल रही है।

ग्राफ्टिंग के बाद पौधे की देखभाल के जरूरी टिप्स

  • धूप और सिंचाई: शुरुआत में ग्राफ्टेड पौधे को हल्की धूप में रखें। मिट्टी में नमी बनाए रखें, लेकिन बहुत ज्यादा पानी देने से बचें ताकि जड़ें न सड़ें।
  • छंटाई (Pruning): समय-समय पर सूखी या कमजोर शाखाओं को हटाते रहें, ताकि पौधे की ऊर्जा नई और ग्राफ्टेड शाखाओं के विकास में लग सके।
  • जैविक खाद: पौधे के बेहतर विकास और जल्दी फल पाने के लिए नियमित रूप से जैविक खाद (Organic Fertilizer) का प्रयोग करें।