तकनीक की दुनिया में एक नया इतिहास रचने की होड़ में मेटा (Meta) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क जुकरबर्ग का एक बेहद महत्वाकांक्षी और गुप्त प्रोजेक्ट बुरी तरह से फ्लॉप हो गया है। इंसानी कर्मचारियों को हटाकर उनकी जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को तैनात करने का जुकरबर्ग का सपना न केवल कर्मचारियों की बगावत के कारण टूटा, बल्कि खुद AI तकनीक ने भी मौके पर धोखा दे दिया।
हवाई के बंगले में रचा गया 'प्रोजेक्ट OT'
इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में जुकरबर्ग ने हवाई स्थित अपने आलीशान घर पर टॉप अधिकारियों के साथ एक सीक्रेट मीटिंग बुलाई थी, जहाँ ‘प्रोजेक्ट OT’ (ऑर्गेनाइजेशन ट्रांसफॉर्मेशन) की रूपरेखा तैयार हुई।
- 60% तक छंटनी का प्लान: कंपनी के कुछ विभागों से 60 फीसदी तक कर्मचारियों को निकालकर केवल चुनिंदा 'टैलेंटेड' कर्मचारियों को रखने की योजना थी, जो AI एजेंट्स पर नजर रखते।
- दो चरणों में लागू होना था फैसला: इस छंटनी को मई से नवंबर के बीच दो चरणों में पूरा किया जाना तय हुआ था।
माउस ट्रैकिंग और कर्मचारियों का गुस्सा
मार्च में जब इस गुप्त प्लान की जानकारी लीक हुई, तो मेटा के दफ्तरों में असंतोष फैल गया।
- जासूसी सॉफ्टवेयर: मैनेजमेंट ने अमेरिकी कर्मचारियों के लैपटॉप में ऐसे ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर दिए जो माउस क्लिक और कीबोर्ड मूवमेंट को रिकॉर्ड करते थे, ताकि AI को इंसानी व्यवहार सिखाया जा सके।
- कर्मचारियों का विद्रोह: अपनी ही नौकरी छीनने वाले AI को ट्रेनिंग देने की मजबूरी से कर्मचारियों का मनोबल 74% से गिरकर 55% पर आ गया। कंपनी के इंटरनल नेटवर्क पर मीम्स की बाढ़ आ गई और CTO एंड्रयू बोसवर्थ के साथ कर्मचारियों की तीखी बहस हुई।
AI सिस्टम पड़ा ठप, हैक हुआ ओबामा का अकाउंट
जिस AI पर जुकरबर्ग ने दांव खेला था, उसने भी रायता फैला दिया:
- गलतियों का दौर: AI के इस्तेमाल से कोडिंग की रफ्तार भले ही 220% बढ़ी, लेकिन यूजर फीचर्स में मामूली 36% सुधार ही हुआ।
- सुरक्षा में बड़ी चूक: तकनीकी खामियों और सुरक्षा मामलों में 40% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हद तो तब हो गई जब हैकर्स ने मेटा के नए AI सपोर्ट बॉट में सेंध लगाकर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का पुराना इंस्टाग्राम अकाउंट हैक कर लिया।
आपात बैठक और जुकरबर्ग का यू-टर्न
19 मई की रात—छंटनी से ठीक कुछ घंटे पहले—बढ़ते आंतरिक दबाव और तकनीकी विफलता को देखते हुए जुकरबर्ग ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई।
- फैसला बदला: नवंबर में होने वाली छंटनी का दूसरा चरण तुरंत रद्द कर दिया गया और 20 मई को केवल 10% कर्मचारियों को ही हटाया गया।
- माउस ट्रैकिंग पर रोक: डैमेज कंट्रोल करते हुए कर्मचारियों की निगरानी रोक दी गई।
फिलहाल मेटा खुद को यह कहकर बचा रहा है कि वे AI का इस्तेमाल लोगों की मदद के लिए कर रहे हैं, लेकिन 130 बिलियन डॉलर के भारी-भरकम AI बजट के चलते निवेशकों का दबाव अब भी जुकरबर्ग पर बना हुआ है।





