नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते उपयोग के बीच ChatGPT जैसे टूल्स को लेकर प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा पर चर्चा तेज हो गई है। अक्सर यूजर यह सोचते हैं कि क्या ChatGPT उनके डिवाइस की स्क्रीन देख सकता है, प्राइवेट फाइलें पढ़ सकता है या जासूसी कर रहा है? इन सभी सवालों की पड़ताल के बाद असल तस्वीर साफ हो गई है।
क्या अपनी मर्जी से एक्सेस कर सकता है आपकी स्क्रीन या फाइलें?
- स्वचालित एक्सेस नहीं: सामान्य तौर पर ChatGPT आपके मोबाइल या कंप्यूटर की स्क्रीन, फाइलें, कैमरा या माइक्रोफोन को अपनी मर्जी से एक्सेस नहीं कर सकता। केवल ऐप इंस्टॉल होने से यह आपके डिवाइस की निगरानी या जासूसी नहीं करता।
- इनपुट पर निर्भरता: AI को सिर्फ वही जानकारी मिलती है जो यूजर खुद अपलोड करता है या ऐप/ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा इनपुट के रूप में प्रदान की जाती है।
- स्क्रीन शेयरिंग और अपलोड की गई फाइलें: यदि आप स्क्रीन शेयरिंग का फीचर एक्टिवेट करते हैं या चैट में कोई फोटो/डॉक्यूमेंट अपलोड करते हैं, केवल तभी AI उस कंटेंट को पढ़ और प्रोसेस कर सकता है।
डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा के लिए जरूरी टिप्स
- बैंकिंग व पर्सनल डेटा रखें दूर: AI के साथ कभी भी पासवर्ड, बैंकिंग डिटेल्स या अत्यधिक संवेदनशील दस्तावेज साझा नहीं करने चाहिए।
- डेटा कंट्रोल सेटिंग्स: यूज़र्स को समय-समय पर अपने अकाउंट की प्राइवेसी सेटिंग्स, चैट हिस्ट्री और परमिशन विकल्पों को रिव्यू और मैनेज करते रहना चाहिए।
क्या है नया 'Computer History' फीचर?
चैटजीपीटी ने हाल ही में Mac यूज़र्स के लिए 'Computer History' नाम का एक नया फीचर जोड़ा है। यह फीचर ऑन होने पर आपकी डिजिटल एक्टिविटी के आधार पर काम की समरी बनाने, हालिया फाइलों को खोजने और पिछले कामों को समझने में मदद करता है ताकि ज्यादा प्रासंगिक परिणाम मिल सकें। हालांकि, यह फीचर भी यूज़र की सहमति और सेटिंग्स के तहत ही कार्य करता है।





