टेक जगत की दो बड़ी दिग्गज कंपनियों—एपल (Apple) और ओपनएआई (OpenAI)—के बीच ट्रेड सीक्रेट्स (व्यापारिक गोपनीय जानकारियों) की चोरी को लेकर कानूनी जंग और तेज हो गई है। एपल ने अमेरिकी अदालत में एक नई याचिका दाखिल कर ओपनएआई के उस आवेदन (Motion to Dismiss) को खारिज करने का अनुरोध किया है, जिसमें केस को शुरुआती चरण में ही खत्म करने की मांग की गई थी।

एपल का आरोप: तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है ओपनएआई

कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों में एपल ने रुख साफ करते हुए कहा:

  • अटकलों पर आधारित दावे: ओपनएआई की केस खारिज करने की मांग वास्तविक तथ्यों के बजाय अटकलों, बाहरी साक्ष्यों के अनुचित इस्तेमाल और गलत व्याख्या पर टिकी है।
  • गोपनीय डाटा की चोरी: एपल के पूर्व कर्मचारियों (जैसे चांग लियू और टांग येव तान) के माध्यम से कंपनी के लॉजिक बोर्ड, हार्डवेयर डिजाइन और सप्लाई चेन से जुड़ी गोपनीय जानकारियां निकालने में मदद ली गई।
  • पुख्ता सबूतों का दावा: कंपनी का कहना है कि यह केवल एक साधारण चूक नहीं, बल्कि जानबूझकर ट्रेड सीक्रेट्स हासिल करने का संगठित प्रयास था, जिसके पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।

ओपनएआई की दलील

इससे पहले 5 अगस्त 2026 को ओपनएआई ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा था कि एपल यह साबित करने में विफल रही है कि कौन सी विशिष्ट जानकारी 'ट्रेड सीक्रेट' की श्रेणी में आती है। ओपनएआई का दावा था कि वह एक बिल्कुल नई तकनीक और हार्डवेयर बना रही है, इसलिए उसे एपल के सीक्रेट्स की न तो कोई जरूरत है और न ही कोई दिलचस्पी।

1 अक्टूबर को सुनवाई और आगे की राह

अदालती समय-सारिणी के अनुसार:

  1. ओपनएआई का जवाब: ओपनएआई को एपल के इस विरोध पर 26 अगस्त 2026 तक अपना जवाब पेश करना होगा।
  2. अहम सुनवाई (1 अक्टूबर 2026): अमेरिकी जिला जज एडवर्ड जे. डेविला दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर फैसला करेंगे कि मुकदमा खारिज होगा या जारी रहेगा।

यदि 1 अक्टूबर को जज ओपनएआई की याचिका खारिज कर देते हैं, तो केस 'डिस्कवरी फेज' में चला जाएगा। इसके तहत दोनों कंपनियों को एक-दूसरे के साथ आंतरिक चैट, फाइलें, हार्डवेयर प्रोजेक्ट्स के रिकॉर्ड और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े गोपनीय दस्तावेज साझा करने होंगे।