नई दिल्ली: देश में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन ने नए आयाम छू लिए हैं। नई दिल्ली स्थित पूसा संस्थान में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल रिपोर्ट तैयार करना नहीं, बल्कि किसानों के खातों और खेतों तक सीधा लाभ पहुंचाना है।
एग्रीस्टैक और फार्मर आईडी की स्थिति
- 10.41 करोड़ फार्मर आईडी जारी: देश के 26 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एग्रीस्टैक के तहत व्यापक स्तर पर फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं।
- व्यापक कवरेज: यह आंकड़ा पीएम-किसान (PM-KISAN) के लगभग 84.68% और कुल ऑपरेशनल होल्डिंग्स के 77% हिस्से को कवर करता है।
- पारदर्शी भुगतान: फार्मर आईडी के जरिए केंद्र और राज्यों का फंड सीधे तथा पारदर्शी तरीके से किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित हो रहा है। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में इसके समयबद्ध क्रियान्वयन का विशेष उल्लेख किया गया।
भू-मानचित्रण और डिजिटल क्रॉप सर्वे
- 5.9 लाख गांवों की मैपिंग: देश के लक्षित गांवों में से 93.05% यानी लगभग 5.9 लाख गांवों की जियो-रेफरेंसिंग पूरी हो चुकी है।
- सटीक रिकॉर्ड का लक्ष्य: केंद्रीय मंत्री ने जोर दिया कि डिजिटल रिकॉर्ड और जमीन की वास्तविक स्थिति में शत-प्रतिशत समानता होनी चाहिए ताकि किसी भी किसान को तकनीकी खामी की वजह से नुकसान न हो।
- डिजिटल क्रॉप सर्वे विस्तार:
- 2024-25: 290 जिले (3.87 करोड़ हेक्टेयर)
- 2025-26 (रबी): 650 जिले (9.18 करोड़ हेक्टेयर)
- 2026-27 (खरीफ लक्ष्य): 692 जिले (13.4 करोड़ हेक्टेयर)
दलहन उत्पादन में बढ़त और आयात पर घटती निर्भरता
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ दलहन आत्मनिर्भरता मिशन में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है:
| मानकवर्ष 2024-25वर्ष 2025-26 | ||
| कुल दलहन उत्पादन | 256.83 लाख मीट्रिक टन | 274.09 लाख मीट्रिक टन |
| खेती का क्षेत्रफल | 277.20 लाख हेक्टेयर | 286.46 लाख हेक्टेयर |
| उत्पादकता (Productivity) | 926 किग्रा / हेक्टेयर | 957 किग्रा / हेक्टेयर |
| दलहन आयात (Import) | 72.56 लाख मीट्रिक टन | 59.64 लाख मीट्रिक टन |
प्रोसेसिंग और मार्केट कनेक्टिविटी उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए 'बीज से बाजार तक' की रणनीति पर काम किया जा रहा है। इसके तहत वर्ष 2026-27 तक राज्यों में 528 दलहन प्रसंस्करण इकाइयां (Processing Units) स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। पीपीपी (PPP) मॉडल के माध्यम से प्रोसेसिंग, स्टोरेज और मार्केट कनेक्टिविटी को मजबूत बनाकर किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।





