नई दिल्ली:

त्योहारों का सीजन शुरू होने से ठीक पहले महाराष्ट्र के आम उपभोक्ताओं को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। राज्य में 1 सितंबर से दूध के दाम में सीधे ₹9 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है। इससे पहले 11 अगस्त 2026 को ही मिल्क प्रोड्यूसर्स एंड प्रोसेसर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने गाय और भैंस के दूध के दाम ₹2 प्रति लीटर बढ़ाए थे, जिससे दही और पनीर जैसे उत्पाद भी 10% तक महंगे हो गए थे। महज तीन हफ्तों के भीतर महाराष्ट्र में यह दूसरी बढ़ोतरी है। हालांकि, यह संकट केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछले दो सालों में पूरे देश में दूध की कीमतों में लगातार उछाल देखा गया है।

साल 2025 और 2026 में कब-कब बढ़े दाम

  • वर्ष 2026 की प्रमुख बढ़ोतरी:
    • 14 मई: अमूल और मदर डेयरी ने दूध के दाम ₹2 प्रति लीटर बढ़ाए।
    • मई-जून: राजस्थान की 'सरस', मध्य प्रदेश की 'सांची', महाराष्ट्र की 'गोकुल' और केरल की 'मिल्मा' (₹4 तक) ने कीमतें बढ़ाईं।
    • अगस्त-सितंबर: महाराष्ट्र में पहले ₹2 और अब ₹9 प्रति लीटर तक की बड़ी वृद्धि।
  • वर्ष 2025 का घटनाक्रम:
    • 1 अप्रैल: कर्नाटक मिल्क फेडरेशन ('नंदिनी') ने ₹4 प्रति लीटर की वृद्धि की।
    • 30 अप्रैल - 1 मई: मदर डेयरी, अमूल और पराग मिल्क फूड्स ने ₹2 प्रति लीटर दाम बढ़ाए।
    • 22 मई: बिहार-झारखंड की 'सुधा' डेयरी ने विभिन्न वेरिएंट्स में ₹2 से ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की।

दिल्ली-NCR: 4 साल में 24% तक उछला भाव

दिल्ली-NCR में दूध की कीमतें बीते कुछ वर्षों में तेजी से चढ़ी हैं:

  • फरवरी 2022: फुल क्रीम दूध ₹58/लीटर और टोंड दूध ₹48/लीटर।
  • फरवरी 2023: फुल क्रीम दूध ₹66/लीटर और टोंड दूध ₹54/लीटर।
  • मई 2026: मदर डेयरी का फुल क्रीम दूध ₹72 प्रति लीटर तक पहुंचा।
  • कुल वृद्धि: फरवरी 2022 के मुकाबले फुल क्रीम दूध ₹14 प्रति लीटर (लगभग 24%) महंगा हो चुका है।

कीमतें बढ़ने के मुख्य कारण

  1. चारे की बढ़ती लागत: पशु चारे और रखरखाव का खर्च बढ़ने से किसानों की प्रोडक्शन कॉस्ट काफी बढ़ गई है।
  2. मौसम का प्रभाव: तेज गर्मी और कमजोर मानसून जैसी मौसमी स्थितियों से पशुओं की दूध देने की क्षमता पर असर पड़ा है।
  3. सप्लाई में सुस्ती: CRISIL के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 में कच्चे दूध के उत्पादन की ग्रोथ दर घटकर ~4% रहने का अनुमान है, जो पिछले 5 सालों के 5% औसत से कम है।

आगे क्या हैं संकेत?

रेटिंग एजेंसी CRISIL के अनुसार, 37 बड़ी डेयरी कंपनियों के विश्लेषण के आधार पर चालू वित्त वर्ष में दूध के दाम 4-5% और बढ़ सकते हैं। कंपनियां यह बढ़ोतरी चरणबद्ध (step-wise) तरीके से करेंगी। इसके अलावा पनीर, घी, मक्खन और फ्लेवर्ड मिल्क जैसे वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स में 5-6% तक की वृद्धि संभव है, जिससे आने वाले महीनों में घरेलू बजट पर दबाव बना रहेगा।