कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एक सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) बुलाने की मांग दोहराई है। खरगे का यह पत्र संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की संभावना जताई थी।
पत्र की मुख्य वजह और पृष्ठभूमि
- दूसरा पत्र: खरगे ने इससे पहले 16 जुलाई 2026 को पीएम मोदी को पत्र लिखा था। मानसून सत्र के औपचारिक समापन में हो रही देरी और विशेष सत्र की चर्चाओं के बीच उन्होंने अपनी मांगें फिर सामने रखी हैं।
- 17 अप्रैल का घटनाक्रम: 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका था। इसे आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया था (पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े थे)। खरगे ने उसी घटना का हवाला देते हुए जल्दबाजी न करने की सलाह दी है।
खरगे द्वारा पीएम मोदी से की गईं 3 प्रमुख मांगें
- लोकसभा सीटों की संख्या: लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की कुल संख्या को अगले 25 वर्षों तक यथावत रखा जाए।
- राज्यों का सीट आवंटन: विभिन्न राज्यों को मिलने वाले लोकसभा सीट आवंटन में अगले 25 वर्षों तक कोई बदलाव न किया जाए।
- महिला आरक्षण: वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं के लिए एक-तिहाई (33%) आरक्षण तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि परिसीमन का देश के राजनीतिक ढांचे और राज्यों के प्रतिनिधित्व पर दूरगामी असर पड़ेगा, इसलिए किसी भी विधेयक को संसद में पेश करने से पहले सभी राजनीतिक दलों और राज्य सरकारों को प्रस्ताव के गहन अध्ययन के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।





