कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देश में बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 सालों के शासन में 'अच्छे दिनों' की हकीकत यह है कि कभी दाल, कभी सब्जी, तो कभी तेल और चीनी आम आदमी का बजट बिगाड़ रहे हैं। खरगे ने कहा कि सरकार ध्यान भटकाने वाले स्टंट्स के बजाय बुनियादी मुद्दों पर ध्यान दे, और कांग्रेस महंगाई पर सवाल उठाना जारी रखेगी।
मई 2013 बनाम अगस्त 2026: आवश्यक वस्तुओं के दामों की तुलना
- टमाटर: ₹17.50 से बढ़कर ₹120.00 प्रति किलो (585% की भारी बढ़ोतरी)।
- आटा: ₹21.00 से बढ़कर ₹69.00 प्रति किलो (228% की बढ़ोतरी)।
- प्याज: ₹23.00 से बढ़कर ₹73.00 प्रति किलो (217% की बढ़ोतरी)।
- सरसों तेल: ₹102.00 से बढ़कर ₹263.00 प्रति लीटर (157% की बढ़ोतरी)।
- दालें: तूअर, उड़द और चना की कीमतों में औसतन 140% से 153% तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रमुख खाद्य पदार्थों में मूल्य वृद्धि का तुलनात्मक ब्योरा:
| वस्तु | मई 2013 का भाव (मूल्य) | अगस्त 2026 का भाव (मूल्य) | प्रतिशत बढ़ोतरी |
| टमाटर | ₹17.50 / किग्रा | ₹120.00 / किग्रा | 585% |
| आटा | ₹21.00 / किग्रा | ₹69.00 / किग्रा | 228% |
| प्याज | ₹23.00 / किग्रा | ₹73.00 / किग्रा | 217% |
| सरसों तेल | ₹102.00 / लीटर | ₹263.00 / लीटर | 157% |
खरगे ने कहा कि दूध, चीनी, तेल और दालों जैसी बुनियादी चीजों की कीमतें दोगुनी से भी अधिक हो चुकी हैं। जब भी आम जनता महंगाई और अपने बुनियादी हकों पर जवाब मांगती है, तो ध्यान भटकाने की कोशिश की जाती है, जबकि देश को ठोस समाधान और राहत की आवश्यकता है।





