इंडो-पैसिफिक (हिंद-प्रशांत) क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने की दिशा में भारत और जापान ने अपनी सामरिक साझेदारी को और मजबूत किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के बीच नई दिल्ली में हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग को गहरा करने और 'मेक इन इंडिया' के तहत नौसैनिक जहाज निर्माण व तकनीकी सह-विकास के लिए ऐतिहासिक समझौतों पर सहमति जताई।
दोनों मंत्रियों ने भारतीय नौसेना और 'जापान मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स' (JMSDF) के बीच करीबी सहयोग के लिए मैरीटाइम सिक्योरिटी कोऑपरेशन (Memorandum of Arrangement) पर हस्ताक्षर भी किए।
बैठक के प्रमुख बिंदु और बड़े फैसले
- जहाज निर्माण और मरम्मत में संयुक्त सहयोग: जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की निर्माण क्षमताओं को मिलाकर नौसेना के जहाजों के डिजाइन व निर्माण पर काम किया जाएगा। साथ ही, दोनों देश निकट भविष्य में एक-दूसरे के नौसैनिक जहाजों की मरम्मत और रखरखाव की सुविधाओं तक पहुंच का समझौता करेंगे।
- 'वीर गार्जियन 26' और लड़ाकू विमानों का आगमन: दोनों पक्षों ने आगामी वायु सेना अभ्यास 'वीर गार्जियन 26' की तैयारियों का स्वागत किया। इस अभ्यास के तहत पहली बार जापान की 'एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स' के लड़ाकू विमान भारत आकर युद्धाभ्यास में हिस्सा लेंगे।
- UNICORN एंटीना प्रोजेक्ट: दोनों मंत्रियों ने जहाज पर लगने वाले 'UNICORN इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन एंटीना सिस्टम' को रक्षा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का प्रतीक बताया और इसे जल्द लागू करने की प्रतिबद्धता जताई।
- DRDO और ATLA का तालमेल: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और जापान की 'एक्विजिशन, टेक्नोलॉजी एंड लॉजिस्टिक्स एजेंसी' (ATLA) उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों (Advanced Defense Technologies) में मिलकर काम करेंगे।
- वर्किंग ग्रुप का गठन: रक्षा सहयोग के विभिन्न परिचालन, खुफिया, उपकरण और तकनीकी क्रियान्वयन की देखरेख के लिए डायरेक्टर-जनरल/संयुक्त सचिव स्तर के एक विशेष वर्किंग ग्रुप के गठन पर सहमति बनी।
सामरिक सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा
| क्षेत्र | प्रमुख पहल एवं समझौते |
| सैन्य अभ्यास | 'धर्म गार्जियन', 'JAIMEX', और 'वीर गार्जियन 26' का विस्तार; मानवरहित प्रणालियों (Unmanned Systems) का समावेश। |
| समुद्री क्षमताएं | माइंस बिछाने व हटाने (Mine Countermeasure capabilities) और मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (MDA) में सुधार। |
| इंडो-पैसिफिक नेटवर्क | इंडो-पैसिफिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क (IPLN) और तीसरे देशों (जैसे भारत-जापान-इंडोनेशिया त्रिपक्षीय) के साथ सहयोग। |
| कूटनीतिक वार्ता | इस वर्ष के अंत में टोक्यो में होने वाली चौथी '2+2' मंत्रीस्तरीय वार्ता (विदेश व रक्षा मंत्री) की तैयारियों में तेजी। |
नेविगेशन की स्वतंत्रता पर जोर
बैठक के दौरान दोनों देशों ने खुले, स्वतंत्र और समावेशी इंडो-पैसिफिक का समर्थन किया। दोनों पक्षों ने समुद्री संचार मार्गों की सुरक्षा, नेविगेशन व ओवरफ्लाइट की स्वतंत्रता पर बल दिया और किसी भी देश द्वारा ताकत या दबाव के जरिए यथास्थिति (Status Quo) बदलने के एकतरफा प्रयासों का कड़ा विरोध दोहराया।
जापानी रक्षा मंत्री कोइजुमी ने अपनी यात्रा के दौरान नेशनल वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि अर्पित की, ट्राई-सर्विस गार्ड ऑफ ऑनर प्राप्त किया और मुंबई में वेस्टर्न नेवल कमांड व युद्धपोत INS चेन्नई का दौरा भी किया।





