भोपाल:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित अंबेडकर पार्क में ‘मध्य प्रदेश कृषि विस्तार अधिकारी संघ’ के आह्वान पर प्रदेशभर के कृषि विस्तार अधिकारियों ने एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। विभाग द्वारा लागू की जा रही ई-अटेंडेंस (E-Attendance) व्यवस्था की अनिवार्यता के विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शासन के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।
धरना प्रदर्शन के समापन पर प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के शीघ्र व सकारात्मक निराकरण की मांग की।
'कार्यालयीन कर्मचारियों से अलग है मैदानी कार्यप्रणाली'
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संघ के संरक्षक और मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के संगठन मंत्री मनोहर गिरी ने कृषि विस्तार अधिकारियों की व्यावहारिक कठिनाइयों को रेखांकित किया:
- मुख्यालय की अनिवार्यता अनुचित: सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक मुख्यालय पर रहकर ई-अटेंडेंस दर्ज कराना मैदानी कार्यप्रणाली के विपरीत है, क्योंकि अधिकारियों का अधिकांश समय गांवों, खेतों और किसानों के बीच बीतता है।
- मूलभूत सुविधाओं का अभाव: ग्रामीण क्षेत्रों और दूरस्थ मुख्यालयों पर न तो शासकीय आवास उपलब्ध हैं और न ही शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं। ऐसे में महिला कृषि विस्तार अधिकारियों की सुरक्षा और सहूलियत पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
- ई-HRMS में बदलाव की मांग: संघ ने मांग की है कि ई-HRMS प्रणाली के तहत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता समाप्त कर पूर्व की भांति दौरा डायरी (Tour Diary) के आधार पर ही उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था बहाल रखी जाए।
प्रमुख मांगें: ग्रेड पे और भत्तों में वृद्धि
धरना प्रदर्शन के दौरान प्रांताध्यक्ष मोहन डामोर और अन्य पदाधिकारियों ने कृषि विस्तार अधिकारियों के तकनीकी दायित्वों को देखते हुए निम्नलिखित वित्तीय मांगें भी प्रमुखता से उठाईं:
| मांग का विषय | वर्तमान स्थिति | संघ की मांग |
| ग्रेड पे (Grade Pay) | ₹2400 | ₹2800 |
| अतिरिक्त केंद्र भत्ता | ₹500 प्रति माह | ₹5,000 प्रति माह |
| एग्री स्टैक भत्ता | शून्य | ₹4,000 प्रति माह (पटवारी के समान) |
कर्मचारी संगठनों का मिला व्यापक समर्थन
इस आंदोलन को भारतीय मजदूर संघ एवं मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ का भी पूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप गुर्जर और उज्जैन जिलाध्यक्ष अंकुश गुप्ता सहित प्रदेशभर से आए अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।
संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कृषि विस्तार अधिकारी शासन और किसानों के बीच मुख्य कड़ी हैं। यदि सरकार उनकी व्यावहारिक समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेती है, तो कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे कृषि योजनाओं का लाभ किसानों तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचा सकेंगे।





