भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से विशाल 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' रैली का भव्य आयोजन किया गया। इस रैली में राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा समेत भारतीय जनता पार्टी के सभी शीर्ष नेता एकजुट हुए। जनसभा को संबोधित करने से पहले बीजेपी नेताओं ने अटल पथ से जवाहर चौक तक एक विशाल पदयात्रा निकाली, जिसमें भारी संख्या में कार्यकर्ताओं और आम जनता का जनसैलाब उमड़ा।

सीएम मोहन यादव का वार: "20-30 सालों तक कहीं नहीं जाने वाले मोदी"

रैली में जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखे प्रहार किए। संबोधन के दौरान उन्होंने 'राहुल गांधी मुर्दाबाद' के नारे लगाए और कहा:

  • न्यायालय और संस्थाओं का अपमान: कांग्रेस ने हमेशा संवैधानिक संस्थाओं और न्यायालय का अपमान किया है। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी.एन. शेषन को लालकृष्ण आडवाणी के खिलाफ चुनाव लड़ाने वाली कांग्रेस आज निष्पक्षता की बात करती है।
  • विकास की आड़ में राजनीति: आज भारत हर क्षेत्र में चहुंमुखी विकास कर रहा है, लेकिन राहुल गांधी तमाम मुद्दों की आड़ में केवल अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने में लगे हैं।
  • मोदी कहीं नहीं जाने वाले: कांग्रेस की बौखलाहट पर तंज कसते हुए सीएम ने कहा कि सत्ता न मिलने के कारण वे 'हाय रे मोदी' कर रहे हैं, लेकिन वे समझ लें कि देश की जनता के दिल में बसे नरेंद्र मोदी अगले 20-30 सालों तक कहीं नहीं जाने वाले हैं।

जेपी नड्डा की सीख: "ईवीएम छोड़ आत्मचिंतन करे अबोध बालक"

केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठाते हुए उसे 'नाच न आवे आंगन टेढ़ा' वाली कहावत से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस चुनाव जीतती है तो राहुल गांधी खुद को पहलवान बताने लगते हैं, और जब हारती है तो चुनाव आयोग को बेईमान ठहराने लगते हैं।

नड्डा ने राहुल गांधी को 'अबोध बालक' की संज्ञा देते हुए कहा:

"मैं उस अबोध बालक को सलाह देना चाहता हूं कि ईवीएम (EVM) और चुनाव आयोग की चिंता छोड़कर अपने दल का आत्मचिंतन करें। सुप्रीम कोर्ट ने भी एसआईआर (SIR) को सही ठहराया है। देश में यह 12वीं बार हो रहा है, जिसमें से 10 बार कांग्रेस के शासनकाल में हुआ था।"

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2.8 करोड़ बोगस वोट और बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा

चुनाव आयोग की निष्पक्षता का बचाव करते हुए जेपी नड्डा ने फर्जी मतदान और बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया:

  • जाली वोटों पर चोट: मतदाता सूची के पुनरीक्षण के तहत ऐसे 2.8 करोड़ फर्जी वोट काटे गए हैं जो इस दुनिया में हैं ही नहीं। कांग्रेस इन्हीं जाली वोटों के सहारे चुनाव जीतना चाहती है।
  • पश्चिम बंगाल का उदाहरण: 2004 में पश्चिम बंगाल में करीब 4 करोड़ मतदाता थे, जो 2024 तक बढ़कर 7 करोड़ से अधिक हो गए। नड्डा ने सवाल उठाया कि क्या वहां इतने नए लोग पैदा हो गए या फिर बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में जोड़े गए?
  • कांग्रेस की 'हिट एंड रन' नीति: कांग्रेस के नेता राष्ट्रपति के पास शिकायत लेकर गए, लेकिन जब उनसे सबूत मांगे गए तो दोबारा नहीं पहुंचे।

इमरजेंसी की याद और आगामी चुनावों की चुनौती

जेपी नड्डा ने कहा कि लोकतंत्र के रक्षक बनने का दावा करने वाली कांग्रेस इमरजेंसी के दौरान 22 महीनों तक निर्दोष लोगों को जेल में डाल चुकी है। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे खुद इमरजेंसी के भुगतभोगी रहे हैं और उन्हें दो बार क्लासरूम से उठाकर पुलिस ले गई थी।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ही चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में 'लीडर ऑफ अपोजिशन' (नेता प्रतिपक्ष) को शामिल करके पारदर्शिता बढ़ाई है। नड्डा ने दावा किया कि आगामी दिनों में कांग्रेस हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक की सत्ता से भी बाहर हो जाएगी और जनता पीएम मोदी पर अपशब्द बोलने वालों को हर चुनाव में करारा सबक सिखाएगी।

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