नई दिल्ली। देश में आम जनता की जेब पर एक बार फिर महंगाई का भारी दबाव देखने को मिल रहा है। रसोई के मुख्य सामानों से लेकर रोजाना के आवागमन में इस्तेमाल होने वाली CNG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दूध, प्याज और गुड़ जैसी जरूरी चीजों के दाम बढ़ने से आम आदमी का मासिक घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित हो गया है। हालांकि, चीनी की थोक कीमतों में आई नरमी ने थोड़ी राहत जरूर दी है।
प्रमुख चीजों की बढ़ी कीमतों का ब्योरा
| वस्तु / सेवानई दरें / बढ़ोतरीप्रमुख कारण व असर | ||
| CNG (दिल्ली-NCR) | ₹3.89/किग्रा की बढ़ोतरी | ईरान-अमेरिका तनाव के कारण 6 महीने में 5वीं बार बढ़ोतरी; ऑटो, कैब व स्कूल बसों का किराया बढ़ना तय। |
| दूध (महाराष्ट्र) | ₹9/लीटर तक की बढ़ोतरी (1 सितंबर से लागू) | डेयरी प्रॉडक्ट्स (दही, पनीर) 10% तक महंगे; इससे पहले अमूल और मदर डेयरी भी ₹2/लीटर बढ़ा चुके हैं। |
| गुड़ | ₹80 से ₹100/किग्रा (थोक भाव) | पंजाब, हरियाणा व महाराष्ट्र में पिछले दो हफ्तों में 25% तक उछाल; मानसून मांग और उत्पादन लागत वजह। |
| प्याज | ₹60 से ₹65/किग्रा (खुदरा भाव) | मुंबई के भायखला थोक बाजार में दाम ₹48/किग्रा पहुंचे; दो महीने पहले ₹20-22/किग्रा बिक रहा था। |
ईरान-अमेरिका तनाव का फ्यूल पर असर
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) द्वारा शनिवार सुबह 6 बजे से लागू की गई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली-NCR में CNG चालकों पर बड़ा आर्थिक बोझ पड़ा है। वैश्विक मोर्चे पर ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के चलते पिछले 6 महीनों के भीतर CNG की दरों में यह 5वीं बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले मई 2026 में चार बार दरें रिवाइज की गई थीं। इसका सीधा असर माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन की दरों पर देखने को मिल सकता है।
चीनी की कीमतों में 20% की गिरावट
चौतरफा महंगाई के बीच उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर चीनी के मोर्चे से आई है। सरकारी प्रयासों और बाजार में आपूर्ति सुधरने के कारण चीनी मिलों से निकलने वाली 'एक्स-मिल कीमत' (Ex-mill price) में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के बाद करीब 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में चीनी की दरें और अधिक नियंत्रित होने की उम्मीद है।





