नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा घोषित नई राष्ट्रीय टीम में दिल्ली के वरिष्ठ नेता जयप्रकाश (जेपी) को राष्ट्रीय मंत्री की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस मनोनयन पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए जेपी ने कहा कि वे दी गई जिम्मेदारियों पर पूरी निष्ठा से खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
दूध बेचने से लेकर राष्ट्रीय संगठन तक का प्रेरणादायक सफर
'टीवी9 भारतवर्ष' से खास बातचीत के दौरान जयप्रकाश ने अपने शुरुआती दिनों के संघर्ष और राजनीतिक यात्रा को साझा किया:
- साधारण पृष्ठभूमि: जेपी ने बताया कि उनका 12 सदस्यों का बड़ा परिवार था। सुबह-शाम दिल्ली की गलियों में घर-घर दूध पहुंचाना, दिन में दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई करना और परिवार का संबल बनना ही उनका दैनंदिन जीवन था।
- पिता की सीख: उनके पिता दूध का कारोबार करते थे और हमेशा यही सिखाते थे कि—"अतीत की चिंता छोड़कर वर्तमान में जियो।"
- राजनीतिक सफर: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से छात्र राजनीति की शुरुआत करने वाले जेपी बाद में दिल्ली के पार्षद बने और फिर उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर चुने गए। इसके अलावा वे दिल्ली प्रदेश बीजेपी में उपाध्यक्ष और महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण संगठनात्मक पदों को संभाल चुके हैं।
पश्चिम बंगाल में संभाला था चुनावी मोर्चा
जेपी ने बताया कि हालिया पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी ने उन्हें अति-संवेदनशील समझे जाने वाले 'डायमंड हार्बर' क्षेत्र के चुनावी प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने इस मोर्चे को पूरी संजीदगी से निभाया, जिसका सकारात्मक असर चुनाव परिणामों में स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
भविष्य की रणनीति और लक्ष्य
आगामी चुनौतियों पर बात करते हुए जेपी ने कहा:
"आने वाले दिनों में संगठन का विस्तार करना और पार्टी को हर स्तर पर मजबूती प्रदान करना मेरी प्राथमिक जिम्मेदारी होगी। आगामी विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के साथ-साथ वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी का परचम लहराएगा।"





