नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार के खिलाफ एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। रविवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी ने सरकार पर युवाओं से किए वादों से मुकरने और उनके साथ विश्वासघात करने का गंभीर आरोप लगाया। सीजेपी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनके जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान किए गए वादे पूरे नहीं किए गए, तो देशव्यापी विरोध प्रदर्शन दोबारा शुरू किया जाएगा।

एफआईआर वापसी और युवाओं से जुड़े मुद्दे

  • मुकदमों की वापसी में देरी: सीजेपी ने कहा कि छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए अदालती प्रक्रिया हेतु सरकार को सूची सौंपनी थी, लेकिन बार-बार अनुरोध के बावजूद संबंधित सूची अभी तक जमा नहीं की गई है।
  • खोखले वादों का आरोप: पार्टी का आरोप है कि सरकार अक्सर शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को खत्म कराने के लिए जल्दबाजी में वादे तो कर लेती है, लेकिन सड़कें खाली होते ही उनसे पीछे हट जाती है।
  • भरोसे का उल्लंघन: प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि वादों को कमजोर करने, उनके निष्पादन में देरी करने या उनका अनादर करने की किसी भी कोशिश को देश के युवाओं के साथ खुला विश्वासघात माना जाएगा।

24 अगस्त को होगी बड़ी घोषणा

सीजेपी ने अपने आगामी कदम का संकेत देते हुए आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए 24 अगस्त को एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में दोबारा शुरू होने वाले संभावित प्रदर्शनों की पूरी रूपरेखा तय की जाएगी।

पार्टी ने देश भर के छात्रों, युवाओं, समर्थकों और कार्यकर्ताओं से 24 अगस्त की घोषणा के लिए तैयार रहने की अपील करते हुए कहा कि जब तक युवाओं को उनका हक और किए गए वादे पूरे नहीं मिल जाते, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।