चंडीगढ़/कुरुक्षेत्र:

हरियाणा सरकार ने प्रदेश के 10,557 अतिथि शिक्षकों (गेस्ट टीचर्स) को पक्का (नियमित) करने से साफ इन्कार कर दिया है। मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय दहिया के साथ हुई वार्ता में नियमों और कानूनी अड़चनों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया कि अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण का कोई प्रावधान नहीं है। हालांकि, सरकार ने राहत देते हुए यह जरूर दोहराया है कि 'हरियाणा अतिथि शिक्षक सेवा अधिनियम 2019' के तहत सभी अतिथि अध्यापकों को 58 वर्ष की आयु तक नौकरी की सुरक्षा (जॉब सिक्योरिटी) मिलती रहेगी।

शिक्षा विभाग ने हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद 27 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में एक विस्तृत 'स्पीकिंग ऑर्डर' (Speaking Order) जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

शिक्षा विभाग के इनकार के पीछे मुख्य तर्क

शिक्षा विभाग और राज्य सरकार ने हाई कोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए नियमित न करने के निम्नलिखित कारण बताए हैं:

  • अस्थाई नियुक्ति प्रक्रिया: वर्ष 2005 में अतिथि शिक्षकों की भर्ती स्कूलों में अध्यापकों की तात्कालिक कमी और कार्यभार के आधार पर 'प्रति पीरियड भुगतान' (Per-Period Payment) व्यवस्था के तहत की गई थी।
  • आरक्षण व केंद्रीकृत नियमों का अभाव: इन नियुक्तियों में नियमित भर्तियों की तरह केंद्रीकृत चयन प्रक्रिया और संवैधानिक आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया था।
  • केवल अनुभव अधिकार नहीं: विभाग का तर्क है कि लंबे समय तक सेवा देने या निर्धारित योग्यता रखने मात्र से किसी को नियमित कर्मचारी का दर्जा पाने का कानूनी अधिकार नहीं मिल जाता।

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हाई कोर्ट का आदेश और स्पीकिंग ऑर्डर का घटनाक्रम

  1. एकल व खंडपीठ का फैसला: पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की एकल पीठ ने 25 मई 2026 को 18 जून 2014 की नीति के तहत नियमितीकरण के दावों पर विचार करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 6 अगस्त 2026 को खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि सरकार कानूनी सिद्धांतों के आधार पर तथ्यों की समीक्षा कर फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है।
  2. चार पीजीटी की याचिका पर आदेश: गुरुग्राम, करनाल और कुरुक्षेत्र के चार पोस्ट ग्रेजुएट टीचर्स (PGT)—अर्ति गौर, भूपेंद्र पाल सिंह, नीतू और निर्मल सिंह की याचिका पर विचार करते हुए गठित कमेटी की समीक्षा के बाद 27 अक्टूबर 2026 को नकारात्मक स्पीकिंग ऑर्डर जारी किया गया।

राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ का रुख और विरोध प्रदर्शन

शिक्षा विभाग के इस फैसले से अतिथि शिक्षकों में भारी रोष है:

  • 134 दिनों से जारी धरना: नियमितीकरण की मांग को लेकर कुरुक्षेत्र के लघु सचिवालय में संघ का धरना लगातार 134वें दिन भी जारी रहा।
  • प्रतियां जलाने और प्रदर्शन का ऐलान: संघ के महासचिव भूपेंद्र सिंह ने कहा कि 14-15 नवंबर को कुरुक्षेत्र में एक बड़ा राज्यस्तरीय प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें शिक्षा विभाग द्वारा जारी स्पीकिंग ऑर्डर की प्रतियां जलाई जाएंगी।
  • कॉलेज कैडर का हवाला और दोबारा हाई कोर्ट जाने की तैयारी: संघ के पदाधिकारियों (मेवा सिंह पिलानिया, ईश्वर बरवाला और महेश शर्मा) का तर्क है कि जब इसी नीति के तहत कॉलेज कैडर के अतिथि प्राध्यापकों को नियमित किया जा चुका है, तो स्कूल शिक्षकों के साथ भेदभाव क्यों? संघ ने ऐलान किया है कि वे इस नकारात्मक स्पीकिंग ऑर्डर के खिलाफ दोबारा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

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