उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कार्यक्रम स्थल पर कथित 'शुद्धिकरण' को लेकर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने, दोषियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

प्रियंका गांधी का वार: 'शर्मनाक और असंवैधानिक मानसिकता'

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा:

  • अपराध और उल्लंघन: हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण के बाद भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों द्वारा मंच का 'शुद्धिकरण' करना न केवल एक शर्मनाक और निंदनीय मानसिकता को दर्शाता है, बल्कि यह देश के संविधान और SC/ST कानून का भी सीधा उल्लंघन है।
  • PM की चुप्पी पर सवाल: घटना के 20 दिन बीत जाने के बाद भी केंद्र या उत्तराखंड सरकार की ओर से कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने सवाल उठाए।
  • कार्रवाई की मांग: प्रियंका गांधी ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री मोदी वास्तव में संविधान का सम्मान करते हैं, तो उन्हें बिना किसी देरी के इस अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश देने चाहिए।

राहुल गांधी ने भी बोला हमला: 'यह छुआछूत के समान'

प्रियंका गांधी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो भी साझा किया। राहुल गांधी ने इस घटना को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा:

  • छुआछूत का आरोप: यह कृत्य समाज में छुआछूत की मानसिकता को बढ़ावा देने जैसा है, जो कानूनन एक दंडनीय अपराध है।
  • भाजपा नेतृत्व पर घेराबंदी: राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट इस 'शुद्धिकरण' का बचाव कर रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री मोदी इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं।
  • न्याय की मांग: उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अपने पार्टी अध्यक्ष और दलित समाज के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे के लिए न्याय की मांग कर रही है और यह राज्य तथा केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि दोषियों को सजा मिले।