कृष्णानगर (पश्चिम बंगाल)। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ नेता और कृष्णानगर से सांसद महुआ मोइत्रा की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। कथित हेट स्पीच और महिलाओं के अपमान से जुड़े एक मामले में बार-बार समन भेजे जाने के बावजूद अदालत में पेश न होने पर नादिया जिले की कृष्णानगर अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट (Arrest Warrant) जारी कर दिया है।

तीसरे न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने मोइत्रा के इस रवैये पर सख्त टिप्पणी करते हुए पुलिस को निर्देश दिया है कि गिरफ्तारी वारंट पर अमल की रिपोर्ट 28 अगस्त 2026 तक अदालत के समक्ष पेश की जाए।

मामले और अदालती आदेश के प्रमुख बिंदु:

  • अदालत की सख्त टिप्पणी: मजिस्ट्रेट ने आदेश में कहा कि अदालत के आदेशों की लगातार अनदेखी आरोपी का लापरवाह रवैया दर्शाती है। ऐसे में अदालत के पास गिरफ्तारी वारंट जारी करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
  • सुरक्षा की दलील खारिज: महुआ मोइत्रा के वकील ने कोर्ट में आशंका जताई थी कि अदालत परिसर के बाहर सांसद के साथ बदसलूकी हो सकती है और वे पेश नहीं होंगी। इस पर जज ने टिप्पणी की कि इससे पता चलता है कि आरोपी को अदालत के प्रति कोई सम्मान नहीं है।
  • क्या है पूरा मामला?: महुआ मोइत्रा पर हेट स्पीच देने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और महिलाओं की गरिमा का अपमान करने के आरोप में शिकायत दर्ज की गई थी।

किन धाराओं के तहत दर्ज हुआ है केस?

नादिया जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, टीएमसी सांसद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित प्रमुख धाराओं में मामला दर्ज किया गया है:

  • धारा 79: महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना या अपमान करना
  • धारा 196: विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता और वैमनस्य को बढ़ावा देना
  • धारा 299: धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाना
  • धारा 351: आपराधिक धमकी देना
  • धारा 353 (2): हेट स्पीच (नफरत फैलाने वाला बयान) से जुड़ी धाराएं

अदालत द्वारा 19 अगस्त को दिए गए इस आदेश के बाद अब नादिया पुलिस को 28 अगस्त तक इस गिरफ्तारी वारंट की अनुपालन रिपोर्ट जमा करनी होगी।