इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में 194 रनों की करारी शिकस्त और सीरीज में 0-2 से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम में अंदरूनी घमासान मच गया है। टीम के सीनियर बल्लेबाज इमाम-उल-हक की चोट गंभीर विवाद का रूप ले चुकी है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इस मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं कि क्या इमाम ने इंग्लैंड की अनुकूल परिस्थितियों में तेज गेंदबाजों का सामना करने से बचने के लिए चोट का बहाना बनाया था।
इसके साथ ही, इमाम-उल-हक और खराब फॉर्म से जूझ रहे अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को तुरंत स्वदेश लौटने का निर्देश दिया गया है।
मामले से जुड़े मुख्य बिंदु और विवाद का इतिहास:
- लॉर्ड्स टेस्ट में अनुपस्थिति: मैच की पहली पारी में फील्डिंग के दौरान इमाम ने बाईं पिंडली (Calf) में खिंचाव की शिकायत की। मेडिकल स्कैन में मामूली (Low-grade) चोट की पुष्टि के बावजूद वे दोनों पारियों में बल्लेबाजी करने मैदान पर नहीं उतरे। पूर्व खिलाड़ियों और मीडिया ने उन पर परिस्थिति से भागने का आरोप लगाया है।
- 2025 का पुराना विवाद: इससे पहले मार्च 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ नेपियर वनडे के दौरान भी इमाम पर फर्जी चोट का आरोप लगा था। तब पैर के अंगूठे में गंभीर दर्द की शिकायत पर कराए गए एक्स-रे में कोई फ्रैक्चर नहीं मिला था। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि अंगूठे पर लगा पदार्थ असली खून नहीं बल्कि स्याही या रंगीन निशान था।
- तीसरे (बर्मिंघम) टेस्ट के लिए स्क्वॉड में बड़ा बदलाव: पूरी सीरीज में एक बार भी 200 रनों का आंकड़ा न पार कर पाने वाली पाकिस्तानी बल्लेबाजी लाइन-अप को दुरुस्त करने के लिए चयन समिति ने बड़े फैसले लिए हैं। इमाम और रिजवान के बाहर होने के बाद साइम अयूब और अराफात मिन्हास सहित 6 नए खिलाड़ियों को बर्मिंघम टेस्ट के लिए शामिल किया गया है।
PCB की मेडिकल और अनुशासन समिति द्वारा जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद इमाम-उल-हक के अंतरराष्ट्रीय करियर पर बड़ा फैसला आने की संभावना है।





