सिडनी/इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान के समर्थन में अब वर्तमान में खेल रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों की आवाज़ भी शामिल हो गई है। ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट और वनडे कप्तान पैट कमिंस दुनिया के पहले ऐसे सक्रिय दिग्गज खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने जेल में बंद 73 वर्षीय इमरान खान के मानवाधिकारों और उचित चिकित्सा देखभाल के पक्ष में खुलकर स्टैंड लिया है।

हाल ही में दुनिया भर के 21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पत्र लिखकर इमरान खान की गिरती सेहत पर चिंता जताई थी। अब पैट कमिंस के समर्थन से यह मुद्दा वैश्विक स्तर पर और अधिक गहरा गया है।

पैट कमिंस ने सोशल मीडिया पर दिया बयान

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट दिग्गज ग्रेग चैपल के एक वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए पैट कमिंस ने लिखा:

"मैं यहां ग्रेग चैपल और बाकी पूर्व इंटरनेशनल कप्तानों के साथ अपना समर्थन दर्ज कराता हूं। मुझे उम्मीद है कि कोर्ट की ओर से दिए गए मेडिकल असेसमेंट के आदेश का पूरी तरह पालन होगा और परिवार से उनकी मुलाकातें जारी रहेंगी। मैं उम्मीद करता हूं कि इमरान खान के साथ वो गरिमापूर्ण और सम्मानजनक व्यवहार किया जाएगा, जिसके हर इंसान हकदार हैं।"

3 साल से जेल में बंद, सेहत में भारी गिरावट

एक पॉडकास्ट में ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ग्रेग चैपल ने इमरान खान की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने बताया:

  • शारीरिक और मानसिक प्रभाव: तीन साल से जेल के एकांतवास (Solitary Confinement) में रहने के कारण उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा है। उन्हें रोशनी और किताबों से दूर एक अंधेरे कमरे में रखा गया है।
  • कमजोर स्थिति: हाल ही में अस्पताल ले जाए जाने के दौरान वे व्हीलचेयर पर बेहद कमजोर नजर आए थे।
  • आंखों की रोशनी प्रभावित: रिपोर्ट्स के अनुसार, एकांतवास और सही इलाज न मिलने की वजह से उनकी दाहिनी आंख की रोशनी में भारी गिरावट आई है।

अस्पताल जांच को लेकर विवाद

भ्रष्टाचार के आरोपों में तीन साल से अधिक समय से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद इमरान खान इन आरोपों को राजनीतिक से प्रेरित बताते रहे हैं।

हाल ही में पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें विशेषज्ञ अस्पताल में भर्ती कराकर मेडिकल चेकअप कराने का आदेश दिया था। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि कोर्ट द्वारा अनुशंसित अस्पताल के बजाय उन्हें आनन-फानन में एक सरकारी अस्पताल ले जाकर जांच की औपचारिकता निभाई गई और तुरंत वापस जेल भेज दिया गया। इसी घटनाक्रम के बाद दुनिया भर के कप्तानों ने एकजुट होकर पाकिस्तान सरकार को पत्र भेजा था।