श्रीलंका को भले ही भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन 25 वर्षीय बाएं हाथ के ऑलराउंडर सोनल दिनुषा ने अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच को जुझारू बल्लेबाजी से ड्रॉ कराने वाले दिनुषा ने सीरीज के 2 मैचों में 140 की औसत से 420 रन बनाए, जिसमें 3 शतक शामिल हैं। अपने करियर का महज 5वां टेस्ट खेल रहे इस युवा खिलाड़ी की सफलता के पीछे कड़ा संघर्ष और उनकी बहन का बड़ा त्याग छिपा है।

बहन के त्याग और कोच की पारखी नजर का परिणाम

सोनल दिनुषा का बचपन भारी आर्थिक तंगी में बीता। उनके शुरुआती दिनों को याद करते हुए बचपन के कोच आशान प्रियंजन ने बताया:

  • क्रिकेट में एंट्री: दिनुषा शुरुआत में बास्केटबॉल में रुचि रखते थे, लेकिन स्कूल कोच सुसंथा फेलिक्स डायस ने उनकी प्रतिभा पहचानकर उन्हें क्रिकेट टीम में शामिल किया।
  • पहला बैट: आर्थिक तंगी के कारण दिनुषा के पास किट या बैट नहीं था। ऐसे में उनकी बड़ी बहन ने दूसरों से पैसे उधार लेकर उन्हें पहला क्रिकेट बैट खरीदकर दिया था।
  • परिवार का सहारा: आज दिनुषा की क्रिकेट से होने वाली कमाई ही उनके पूरे परिवार का मुख्य आर्थिक आधार है।

स्वीप शॉट्स से बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड

भारतीय स्पिन आक्रमण से निपटने के लिए दिनुषा ने कोलंबो क्रिकेट क्लब में घंटों रिवर्स स्वीप का अभ्यास किया था। इसका परिणाम मैदान पर साफ देखने को मिला:

  • स्पिनरों पर दबदबा: उन्होंने रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार और सारांश जैन जैसे भारतीय स्पिनरों के खिलाफ बेखौफ स्वीप शॉट्स खेले।
  • नया कीर्तिमान: सीरीज में बनाए कुल 420 रनों में से 173 रन उन्होंने सिर्फ स्वीप शॉट्स से बनाए। इसके साथ ही उन्होंने एक टेस्ट सीरीज में स्पिन के खिलाफ स्वीप शॉट से सबसे ज्यादा रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

सीरीज खत्म होते ही नेट्स पर वापसी

कोलंबो टेस्ट में पुछल्ले बल्लेबाजों (नुवांथा, जयसूर्या और कुमारा) के साथ लंबी पारियां खेलकर मैच ड्रॉ कराने वाले दिनुषा आराम करने के मूड में नहीं हैं। थका देने वाली सीरीज के तुरंत बाद कोच प्रियंजन द्वारा आराम की सलाह देने के बावजूद वे नेट्स पर लौट चुके हैं। उन्हें 31 अगस्त को क्लब के लिए मेजर लीग 50-ओवर मैच और सितंबर के पहले सप्ताह में टी20 टूर्नामेंट में हिस्सा लेना है।