कोलंबो: टीम इंडिया के श्रीलंका दौरे से जुड़ी एक बेहद दिलचस्प और बड़ी खबर सामने आ रही है। एक साल से भी अधिक समय से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर चल रहे आक्रामक मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज सरफराज खान की टीम में धमाकेदार वापसी हुई है। सोमवार को कोलंबो में आयोजित अभ्यास सत्र (Practice Session) में वे भारतीय टीम के साथ पसीना बहाते नजर आए।

सरफराज की इस अचानक वापसी के पीछे युवा कप्तान और टीम प्रबंधन के मुख्य सदस्य शुभमन गिल का बड़ा हाथ बताया जा रहा है।

गिल की सिफारिश पर चयनकर्ताओं ने खेला दांव

मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के मुताबिक, चोटिल साई सुदर्शन के विकल्प के तौर पर सरफराज खान का नाम खुद शुभमन गिल ने चयनकर्ताओं और मुख्य कोच के सामने रखा था।

गिल का मानना था कि श्रीलंका की धीमी और स्पिन-फ्रेंडली पिचों पर सरफराज की बल्लेबाजी शैली और उनका फुटवर्क टीम के लिए बेहद कारगर साबित हो सकता है। कप्तान के इस भरोसे के बाद चयनकर्ताओं ने तुरंत सरफराज को कोलंबो बुलावा भेज दिया।

ध्रुव जुरेल पर मिलेगी तरजीह, नंबर-6 पर उतरने की तैयारी!

दावा किया जा रहा है कि सरफराज केवल स्क्वाड का हिस्सा बनने नहीं आए हैं, बल्कि वे गॉल में खेले जाने वाले पहले टेस्ट मैच की प्लेइंग-11 में भी सीधे जगह बनाएंगे:

  • ऋषभ पंत होंगे मुख्य कीपर: चूंकि ऋषभ पंत मुख्य विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में टीम में मौजूद हैं, इसलिए ध्रुव जुरेल के बजाय एक विशेषज्ञ बल्लेबाज के तौर पर सरफराज खान को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • नंबर-6 बैटिंग पोजिशन: सरफराज को मध्यक्रम में नंबर-6 पर बल्लेबाजी के लिए उतारा जा सकता है, जहाँ वे निचले क्रम के साथ मिलकर बड़ी साझेदारियाँ बनाने में सक्षम हैं।

क्यों असरदार साबित हो सकते हैं सरफराज?

श्रीलंका के ऐतिहासिक गॉल (Galle) इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच पारंपरिक रूप से स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल मानी जाती है। सरफराज खान घरेलू क्रिकेट में स्पिनरों के खिलाफ अपने आक्रामक रुख, स्वीप और पैडल शॉट्स के साथ-साथ लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहने के लिए जाने जाते हैं।

अंतरराष्ट्रीय और घरेलू आंकड़े:

  • टेस्ट क्रिकेट: भारत के लिए खेले गए 6 टेस्ट मैचों में 371 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 3 अर्धशतक शामिल हैं।
  • फर्स्ट क्लास/डोमेस्टिक क्रिकेट: प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सरफराज ने 64.7 की शानदार औसत से 5,114 रन बनाए हैं, जिसमें 17 शतक दर्ज हैं।

स्पिन के खिलाफ उनके इस बेहतरीन रिकॉर्ड को देखते हुए यह देखना दिलचस्प होगा कि गॉल टेस्ट में मौका मिलने पर सरफराज खान इस मौके का कितना फायदा उठाते हैं।