इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक लॉर्ड्स (Lord's) मैदान पर खेले जाने वाले दूसरे टेस्ट मैच से पहले पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आजम की फिटनेस को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट ने उन्हें फिट घोषित कर प्लेइंग इलेवन में शामिल तो कर लिया है, लेकिन खुद बाबर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी आधी-अधूरी फिटनेस का सच उजागर कर दिया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बाबर का कबूलनामा

बाबर आजम ने दूसरे टेस्ट की पूर्वसंध्या पर मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि वे पूरी तरह से फिट नहीं हैं।

"मैं लॉर्ड्स टेस्ट के लिए बस 90% ही फिट हूँ। मैंने अभ्यास सत्रों में हिस्सा जरूर लिया है, लेकिन जहाँ तक मैच फिटनेस (Match Fitness) की बात है, उस पैमाने पर मैं 100% फिट नहीं हूँ।"

कैसे लगी थी बाबर को चोट?

बाबर आजम के हाथ में चोट बेकेन्हम में 'PCC सेलेक्ट XI' के खिलाफ खेले गए वार्म-अप मैच के दौरान लगी थी।

  • तेज गेंदबाज मैनी लम्सडेन की एक घातक बाउंसर गेंद सीधे उनके हाथ पर जा लगी।
  • दर्द इतना भयानक था कि बाबर के हाथ से बल्ला छूट गया और उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा।
  • इसी चोट की वजह से वे इंग्लैंड के खिलाफ पहला टेस्ट मैच नहीं खेल पाए थे।

अनफिट होने के बावजूद क्यों खिला रहा है पाकिस्तान?

पूरी तरह फिट न होने के बावजूद बाबर आजम को लॉर्ड्स टेस्ट में उतारने और कप्तानी सौंपने के पीछे दो मुख्य कारण हैं:

  • लॉर्ड्स में शानदार रिकॉर्ड: लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर बाबर आजम का रिकॉर्ड बेहतरीन रहा है। यहाँ खेली अपनी एकमात्र टेस्ट पारी में वे 68 रन बनाकर नाबाद रहे थे।
  • टीम की मजबूरी: पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट 8 साल पुरानी उसी पारी की उम्मीद में दांव खेल रहा है ताकि लॉर्ड्स में टीम जीत दर्ज कर सके।