गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे टेस्ट मैच के तीसरे दिन 25 वर्षीय श्रीलंकाई ऑलराउंडर सोनल दिनुषा ने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक जड़कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। महज 59 रन पर 4 विकेट गंवा चुकी श्रीलंकाई टीम को सोनल ने न केवल संभाला, बल्कि भारतीय स्पिन आक्रमण के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाकर मैच में वापसी भी कराई।

स्वीप शॉट्स का सहारा और शतकीय साझेदारी

सोनल दिनुषा और निरोशन डिकवेला के बीच छठे विकेट के लिए 146 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने भारतीय गेंदबाजों को लंबे समय तक सफलता से महरूम रखा।

  • स्वीप शॉट से बिगड़ी लेंग्थ: सोनल (167 गेंदों में 100 रन) और डिकवेला ने रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार के खिलाफ लगातार स्वीप शॉट्स खेलकर उनकी सटीक लेंग्थ बिगाड़ दी।
  • सोनल का शिकार: शतक पूरा करते ही सोनल दिनुषा को रवींद्र जडेजा ने पवेलियन का रास्ता दिखाया।

11 साल बाद बना खास रिकॉर्ड

भारत के खिलाफ छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका की ओर से 11 साल बाद किसी बल्लेबाज ने शतक जमाया है। इससे पहले 2015 में दिनेश चांडीमल ने यह कारनामा किया था, जबकि सबसे पहले 1985 में अर्जुन रणतुंगा ने छठे नंबर पर भारत के खिलाफ शतक ठोका था।

  • करियर का शानदार आगाज: सोनल दिनुषा का यह महज चौथा ही टेस्ट मैच है, जिसमें वे 57.2 की प्रभावशाली औसत से 286 रन बना चुके हैं। उनके नाम अब 1 शतक और 1 अर्धशतक दर्ज हो चुका है।

पहली पारी में भारत को 178 रनों की बढ़त

दिनुषा और डिकवेला के प्रतिरोध के बावजूद भारतीय टीम पहली पारी के आधार पर 178 रनों की मजबूत बढ़त हासिल करने में सफल रही।

गेंदबाजप्रदर्शन (पारी)
मानव सुथार4 विकेट
रवींद्र जडेजा3 विकेट
कुलदीप / कृष्णा / सिराज1-1 विकेट