नई दिल्ली:

हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे राउंड के अपने पहले मैच में नीदरलैंड्स से मिली हार के बाद भारतीय टीम की सेमीफाइनल में पहुंचने की राह मुश्किल हो गई है। हालांकि, भारतीय टीम के लिए दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। 24 अगस्त को राउंड 2 के अपने दूसरे व आखिरी मैच में भारत का सामना अर्जेंटीना से होना है। सेमीफाइनल का टिकट हासिल करने के लिए भारत को अपने मैच के साथ-साथ नीदरलैंड्स बनाम इंग्लैंड मैच के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।

सेमीफाइनल में पहुंचने के 3 प्रमुख समीकरण

भारत के क्वालीफाई करने का गणित भारत और नीदरलैंड्स की जीत के अंतर (Goal Difference) पर आधारित है:

  • समीकरण 1 (2 गोल की जीत):
    • यदि भारत, अर्जेंटीना को 2 गोल से हराता है, तो उसे नीदरलैंड्स द्वारा इंग्लैंड को कम से कम 3 गोल से हराने की उम्मीद करनी होगी।
  • समीकरण 2 (3 गोल की जीत):
    • यदि भारत, अर्जेंटीना पर 3 गोल से जीत दर्ज करता है, तो नीदरलैंड्स की इंग्लैंड के खिलाफ 2 गोल की जीत भी भारत को सेमीफाइनल में पहुंचा देगी।
  • समीकरण 3 (4 गोल की जीत):
    • यदि भारत, अर्जेंटीना को 4 गोल या उससे अधिक के अंतर से हरा देता है, तो नीदरलैंड्स की इंग्लैंड पर 1 गोल की मामूली जीत भी भारत का काम आसान कर देगी।

जीत के अंतर पर टिकीं निगाहें

भारतीय हॉकी टीम को न सिर्फ अर्जेंटीना के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी, बल्कि गोल अंतर को भी मजबूत रखना होगा। टीम इंडिया की किस्मत अपनी बड़ी जीत के साथ-साथ नीदरलैंड्स और इंग्लैंड के बीच होने वाले मैच के स्कोरलाइन पर भी पूरी तरह निर्भर करेगी।